धर्मेंद्र की अलग-अलग प्रार्थना सभाओं पर हेमा मालिनी ने तोड़ी चुप्पी, सनी-बॉबी से अनबन की अटकलों पर भी दिया जवाब
बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल और वरिष्ठ अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पहली बार धर्मेंद्र के लिए अलग-अलग प्रार्थना सभाएं आयोजित किए जाने को लेकर उठ रही चर्चाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है। इसके साथ ही उन्होंने धर्मेंद्र के दोनों परिवारों के बीच रिश्तों और सनी देओल व बॉबी देओल से अनबन की अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी है। बीते कुछ समय से इन मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब हेमा मालिनी ने विराम लगाने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि हेमा मालिनी ने 11 दिसंबर को नई दिल्ली में धर्मेंद्र के लिए एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर आयोजित प्रेयर मीट्स के बाद यह कयास लगाए जाने लगे थे कि धर्मेंद्र के दोनों परिवारों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। इन चर्चाओं ने तब और तूल पकड़ लिया जब अलग-अलग शहरों में अलग-अलग प्रार्थना सभाओं की खबरें सामने आईं। हालांकि अब हेमा मालिनी ने साफ कर दिया है कि इन आयोजनों के पीछे किसी तरह का विवाद नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारियां थीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने इस पूरे मामले पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह उनके परिवार का निजी विषय है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने घर पर प्रार्थना सभा इसलिए रखी क्योंकि उनके साथ काम करने वाले सहयोगी और करीबी लोग अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं। इसके अलावा, दिल्ली में प्रार्थना सभा आयोजित करने के पीछे उनकी राजनीतिक भूमिका एक अहम वजह रही। उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय होने के कारण उनके लिए यह जरूरी था कि वे अपने राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े मित्रों और सहयोगियों के लिए भी एक अलग प्रार्थना सभा रखें।
हेमा मालिनी ने आगे बताया कि मथुरा उनका संसदीय क्षेत्र है और वहां के लोग धर्मेंद्र को बेहद पसंद करते हैं। इसी वजह से मथुरा में भी एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई, ताकि वहां के लोग भी इस आयोजन में शामिल हो सकें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने जो किया, उससे वह पूरी तरह संतुष्ट हैं और इसमें किसी तरह की गलत व्याख्या करने की जरूरत नहीं है।
अपने बयान के जरिए हेमा मालिनी ने यह संकेत भी दिया कि परिवार के भीतर किसी तरह का तनाव या मतभेद नहीं है, बल्कि अलग-अलग जगहों पर प्रार्थना सभाएं आयोजित करने का फैसला परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर लिया गया था। उनके इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि धर्मेंद्र के परिवार को लेकर चल रही अफवाहों पर अब विराम लगेगा।