30 करोड़ फ्रॉड केस में 71 दिन बाद जेल से बाहर आए विक्रम भट्ट, बोले– ‘सच की जीत पर था पूरा भरोसा’
फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड मामले में बड़ी राहत मिली है। करीब 71 दिनों तक जेल में रहने के बाद दोनों को रिहा कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को विक्रम भट्ट जेल से बाहर आए, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी।
जेल से बाहर निकलते ही विक्रम भट्ट ने कानून व्यवस्था में अपने विश्वास की बात कही। उन्होंने बताया कि करीब ढाई महीने जेल में बिताने के बावजूद उन्हें पूरा भरोसा था कि सच्चाई सामने आएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न केवल उम्मीद थी, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी पूरा यकीन था और यही भरोसा उन्हें इस कठिन दौर में मजबूती देता रहा। उनके मुताबिक, सच चाहे जितनी देर से सामने आए, लेकिन उसकी जीत तय होती है।
यह मामला दिसंबर महीने का है, जब राजस्थान पुलिस ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। दोनों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर लगभग 30 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया। शिकायतकर्ता का दावा था कि उसने विक्रम भट्ट की कंपनी को चार फिल्मों के निर्माण के लिए बड़ी रकम दी थी, लेकिन उस धन का इस्तेमाल तय उद्देश्य के बजाय कहीं और किया गया।
आरोपों के अनुसार, निवेश की गई राशि को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिसके बाद मामला कानूनी मोड़ पर पहुंचा और गिरफ्तारी हुई। इस केस ने फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी सुर्खियां बटोरीं। फिलहाल जमानत मिलने के बाद विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को अस्थायी राहत मिली है, जबकि मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। जेल से रिहाई के बाद विक्रम भट्ट ने साफ किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे और सच को सामने लाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।