विजय के फैंस को बड़ी राहत: मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद ‘जन नायगन’ को मिला UA सर्टिफिकेट
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय और उनके प्रशंसकों के लिए मद्रास हाई कोर्ट से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। फिल्म जन नायगन को लेकर चल रहे सेंसर विवाद पर कोर्ट के ताजा फैसले ने फैंस के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला दी है। फिल्म के पोस्टपोन होने से दर्शक निराश जरूर थे, लेकिन अब हाई कोर्ट के आदेश ने उम्मीदों को मजबूत कर दिया है।
हाई-स्टेक ड्रामे के बीच मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को निर्देश दिया कि विजय की फिल्म जन नायगन को आवश्यक बदलावों के बाद UA सर्टिफिकेट जारी किया जाए। कोर्ट के इस फैसले को फिल्म के मेकर्स और विजय के फैंस दोनों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। खास बात यह है कि जन नायगन को विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है, जिसके बाद वह पूरी तरह से अपने राजनीतिक सफर पर फोकस करेंगे।
कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिन बदलावों पर सहमति बनी है, उन्हें लागू करने के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाए। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड के रवैये पर कड़ी टिप्पणी भी की। अदालत ने कहा कि इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेना एक खतरनाक परंपरा बन सकती है और जन नायगन के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत सुनियोजित प्रतीत होती है।
गौरतलब है कि जन नायगन की रिलीज पहले 9 जनवरी तय की गई थी। इसी दिन मामले की सुनवाई भी सूचीबद्ध थी। इससे पहले बुधवार, 7 जनवरी को हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, उस सुनवाई के बाद मेकर्स ने अनिश्चितता को देखते हुए फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़ाने का फैसला किया था।
अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि जन नायगन जल्द ही सिनेमाघरों में दर्शकों के सामने होगी। विजय के फैंस इस फैसले को उनकी आखिरी फिल्म के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पल के तौर पर देख रहे हैं।