माता की चौकी में भावविभोर हुईं सुधा चंद्रन, वायरल वीडियो पर ट्रोलिंग के बावजूद बोलीं– मुझे फर्क नहीं पड़ता

प्रसिद्ध अभिनेत्री और सुप्रसिद्ध क्लासिकल डांसर सुधा चंद्रन हाल ही में एक निजी धार्मिक आयोजन के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। मुंबई स्थित उनके आवास पर आयोजित माता की चौकी का एक वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब खुद सुधा चंद्रन की प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि लोगों की नकारात्मक टिप्पणियों का उन पर कोई असर नहीं पड़ता।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को सुधा चंद्रन ने अपने घर पर माता रानी की चौकी का आयोजन किया था। इस धार्मिक कार्यक्रम में फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई जाने-माने चेहरे शामिल हुए। वरिष्ठ अभिनेता किरण कुमार समेत अनेक कलाकार और परिवार के करीबी सदस्य चौकी में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सुधा चंद्रन ने न केवल माइक पर भजन गाए, बल्कि माता रानी की भक्ति में डूबकर शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति भी दी।
रविवार को इस चौकी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा गया कि सुधा चंद्रन भक्ति के भाव में पूरी तरह लीन नजर आ रही हैं। इसी दौरान कुछ क्षणों के लिए वह खड़े-खड़े असहज होती दिखाई देती हैं और होश खो बैठती हैं। मौके पर मौजूद परिजनों ने तुरंत उन्हें संभालते हुए कुर्सी पर बैठाया। इसके बाद उनके पति रवि दांग श्रद्धा भाव से उन पर फूल बरसाते नजर आए।
इसी बीच, माता की चौकी से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया, जिसमें सुधा चंद्रन जोर-जोर से हंसती हुई दिखाई दीं। इन दोनों वीडियो क्लिप्स के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कुछ लोगों ने इसे श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव का रूप बताया, वहीं कई यूजर्स ने इसे लेकर सवाल उठाए और अभिनेत्री को ट्रोल करना शुरू कर दिया।
ट्रोलिंग के बीच सुधा चंद्रन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि वह ऐसे लोगों की बातों को गंभीरता से नहीं लेतीं। उन्होंने कहा कि भक्ति हर व्यक्ति के लिए एक निजी अनुभव होती है और हर इंसान उसे अपने तरीके से महसूस करता है। सोशल मीडिया पर कही जा रही बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और वह अपनी आस्था और भावनाओं को लेकर पूरी तरह सहज हैं।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन सुधा चंद्रन का रुख साफ है कि वह ट्रोलिंग से विचलित होने वाली नहीं हैं और अपनी आस्था व निजी जीवन को सार्वजनिक आलोचना से ऊपर रखती हैं।
