रानी मुखर्जी के सिनेमा में 30 साल पूरे, ‘मर्दानी 3’ पर शाहरुख खान समेत इंडस्ट्री से मिल रही तारीफ

बॉलीवुड की दमदार अभिनेत्रियों में शुमार रानी मुखर्जी ने साल 2026 में हिंदी सिनेमा में अपने करियर के तीन दशक पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वह अपनी नई फिल्म ‘मर्दानी 3’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसे रिलीज़ के बाद दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अपने सशक्त अभिनय और गंभीर विषयों को पर्दे पर मजबूती से पेश करने के लिए पहचानी जाने वाली रानी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।
फिल्म की रिलीज़ के साथ ही इंडस्ट्री से भी रानी मुखर्जी को बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। उनके लंबे करियर और निरंतर प्रभावशाली प्रदर्शन की सराहना करते हुए कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसी कड़ी में अभिनेता शाहरुख खान ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए रानी की जमकर तारीफ की। शाहरुख ने लिखा,
“दिल से… मेरी रानी ‘मर्दानी’ को ढेर सारी शुभकामनाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि ‘मर्दानी 3’ में भी आप उतनी ही जोशीली, मजबूत और संवेदनशील होंगी, जितनी आप असल ज़िंदगी में हैं।”
उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
‘मर्दानी 3’ रानी मुखर्जी की पिछली फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के बाद रिलीज़ हुई है, जिसके लिए उन्हें अपने करियर का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। उस फिल्म में उनके भावनात्मक और गहन अभिनय को न सिर्फ दर्शकों, बल्कि आलोचकों ने भी खूब सराहा था। अब ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइज़ी की इस नई कड़ी से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, जिन पर फिल्म खरी उतरती नजर आ रही है।
इस तीसरे भाग में रानी मुखर्जी एक बार फिर आईपीएस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आ रही हैं। कहानी एक ऐसे केस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो समाज में गहराई से जड़े व्यवस्थागत लिंगभेद और पितृसत्तात्मक सोच पर सवाल उठाता है। अपनी मजबूत स्क्रीन प्रेज़ेंस और प्रभावशाली संवाद अदायगी के जरिए रानी ने एक बार फिर साबित किया है कि वह महिला केंद्रित सशक्त सिनेमा की सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक हैं।
तीन दशक लंबे करियर में रानी मुखर्जी ने रोमांटिक, ड्रामा और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों में विविध भूमिकाएँ निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। ‘मर्दानी 3’ की सराहना और इंडस्ट्री से मिल रहा सम्मान इस बात का संकेत है कि रानी का सफर आज भी उतना ही मजबूत और प्रासंगिक बना हुआ है।
