आखिर किस दृश्य ने बढ़ा दी सुपरस्टार की मुश्किलें? 'धुरंधर 2' के सेट से आई वो खबर जिसने मचा दिया बवाल

आखिर किस दृश्य ने बढ़ा दी सुपरस्टार की मुश्किलें? धुरंधर 2 के सेट से आई वो खबर जिसने मचा दिया बवाल
X

सिल्वर स्क्रीन पर अपनी संजीदा अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेता आर माधवन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर चर्चाओं में हैं, लेकिन यह चर्चा उनकी कलाकारी से ज्यादा एक गहरे विवाद को लेकर हो रही है। फिल्म के एक विशेष दृश्य ने रिलीज से पहले ही ऐसी चिंगारी भड़का दी है, जिसने धार्मिक भावनाओं और सिनेमाई स्वतंत्रता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। रणवीर सिंह के साथ बड़े पर्दे पर नजर आने वाले इस दिग्गज कलाकार को अब उस 'स्क्रीन बॉस' की भूमिका के लिए सफाई देनी पड़ रही है, जिसे लेकर सिख समुदाय ने कड़ा ऐतराज जताया है। मामला इतना बढ़ गया कि अभिनेता को सार्वजनिक मंच पर आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।

विवाद की जड़ में फिल्म का वह दृश्य है जिसमें आर माधवन के किरदार को 'गुरबाणी' का पाठ करते हुए दिखाया गया है। आरोप है कि इस बेहद पवित्र संवाद को बोलते समय अभिनेता के हाथ में सिगरेट थी, जिसे सिख समुदाय ने अपनी धार्मिक मर्यादाओं का घोर अपमान माना है। जैसे ही इस दृश्य की जानकारी सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक विरोध के स्वर तेज हो गए। शिवसेना नेता गुरजोत सिंह कीर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया और चेतावनी दी कि यदि फिल्म निर्माताओं ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी और इस विवादित हिस्से को नहीं हटाया, तो उन्हें कड़े विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ेगा।

बढ़ते तनाव को देखते हुए आर माधवन ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बेहद विनम्रता के साथ स्पष्ट किया कि उनका मकसद कभी भी किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं था। अभिनेता ने सेट के पीछे की हकीकत बताते हुए कहा कि निर्देशक आदित्य धर ने दृश्य को फिल्माते समय पवित्रता का पूरा ख्याल रखा था। उनके मुताबिक, संवाद शुरू करने से पहले ही सिगरेट बुझा दी गई थी और पूरे फ्रेम में न तो कहीं धुआं दिख रहा है और न ही हाथ में जलती हुई सिगरेट। उन्होंने इसे एक बड़ी 'गलतफहमी' करार देते हुए कहा कि वह खुद हर फिल्म से पहले स्वर्ण मंदिर जाकर माथा टेकते हैं, ऐसे में वह जानबूझकर ऐसी गलती कभी नहीं कर सकते।

हालांकि अभिनेता ने अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन मामला अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। इस संबंध में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है, जिसमें फिल्म की पूरी टीम पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप मढ़ा गया है। अब सबकी निगाहें फिल्म के निर्माताओं और सेंसर बोर्ड पर टिकी हैं कि क्या वे इस दृश्य को फिल्म का हिस्सा बनाए रखते हैं या विरोध के आगे झुकते हुए इसमें कैंची चलाई जाएगी। फिलहाल, बॉलीवुड के गलियारों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या रचनात्मक स्वतंत्रता की आड़ में धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते समय बरती गई सावधानी पर्याप्त थी या नहीं।

Tags

Next Story