क्या सुपरहिट फिल्म 'धुरंधर 2' की सफलता पर लगने वाला है ग्रहण? कानूनी दांवपेंच में उलझा मेकर्स का गणित

क्या सुपरहिट फिल्म धुरंधर 2 की सफलता पर लगने वाला है ग्रहण? कानूनी दांवपेंच में उलझा मेकर्स का गणित
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सिनेमाई पर्दे पर 'धुरंधर 2' की शानदार कमाई और दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने फिल्म के निर्माताओं की पेशानी पर बल ला दिए हैं। जहां एक ओर बॉक्स ऑफिस के आंकड़े फिल्म की सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्दे के पीछे से एक कानूनी विवाद ने फिल्म की पूरी टीम को मुश्किल में डाल दिया है। मामला किसी छोटी-मोटी बहस का नहीं, बल्कि सुरों और कॉपीराइट के उल्लंघन से जुड़ा है, जिसने अब सीधे अदालत की चौखट पर दस्तक दे दी है। इस कानूनी पचड़े की वजह से फिल्म के भविष्य और उसके प्रसार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या फिल्म की यह चमक कोर्ट के फैसलों के बीच बरकरार रह पाएगी।

विवाद की जड़ें साल 1989 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'त्रिदेव' के एक सदाबहार गीत 'तिरछी टोपीवाले' से जुड़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्रिमूर्ति फिल्म्स ने मशहूर फिल्ममेकर आदित्य धर की प्रोडक्शन कंपनी बी62 स्टूडियोज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि 'धुरंधर 2' के एक विशेष ट्रैक 'रंग दे लाल' में इस प्रतिष्ठित पुराने गाने के महत्वपूर्ण अंशों का उपयोग किया गया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि इस संगीत खंड का उपयोग करने से पहले न तो उनसे कोई औपचारिक अनुमति ली गई और न ही किसी तरह का लाइसेंस प्राप्त किया गया। कंपनी ने इसे सीधे तौर पर बौद्धिक संपदा अधिकारों और कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन माना है, जिसे लेकर उन्होंने कानून की शरण ली है।

त्रिमूर्ति फिल्म्स ने अदालत में अपनी दलीलें पेश करते हुए न केवल फिल्म में इस गाने के उपयोग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है, बल्कि इसे एक गंभीर वित्तीय और रचनात्मक क्षति भी बताया है। कंपनी का कहना है कि कल्याणजी-आनंदजी द्वारा संगीतबद्ध और आनंद बख्शी की कलम से निकले इस कालजयी गीत के अधिकारों का व्यावसायिक लाभ के लिए इस तरह इस्तेमाल करना अनुचित है। याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि फिल्म के थिएटर प्रदर्शन, डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और यहां तक कि प्रचार गतिविधियों में भी इस संगीत के इस्तेमाल को तुरंत वर्जित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, कंपनी ने हर्जाने के रूप में मुआवजे की भी मांग की है।

इस कानूनी घेराबंदी ने फिल्म की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि न्यायालय इस मामले में कोई सख्त रुख अपनाता है, तो 'धुरंधर 2' के डिजिटल और सैटेलाइट राइट्स के साथ-साथ सिनेमाघरों में इसके प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस हाई-प्रोफाइल मामले पर टिकी हैं, क्योंकि यह विवाद न केवल दो प्रोडक्शन हाउस के बीच का है, बल्कि संगीत की विरासत और उसके कानूनी संरक्षण के सवाल को भी दोबारा चर्चा में ले आया है। फिल्म की टीम की ओर से अभी इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया आनी बाकी है, लेकिन इस विवाद ने 'धुरंधर 2' के जश्न के बीच तनाव की लकीरें जरूर खींच दी हैं।

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