फिल्म धुरंधर 2 को बड़ी राहत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहानी चोरी के आरोपों वाली याचिका खारिज की

Update: 2026-05-01 08:32 GMT

बॉलीवुड फिल्म निर्देशक आदित्य धर के लिए कानूनी मोर्चे पर एक सुखद खबर आई है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फिल्म धुरंधर 2 के खिलाफ दायर उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें फिल्म की कहानी चोरी होने का दावा किया गया था। अदालत के इस फैसले ने फिल्म के प्रदर्शन और इसके सेंसर सर्टिफिकेट पर मंडरा रहे खतरों को फिलहाल टाल दिया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब फिल्म निर्माता और लेखक संतोष कुमार ने आरोप लगाया था कि धुरंधर 2 की पटकथा उनकी पंजीकृत स्क्रिप्ट डी साहेब से चुराई गई है। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि फिल्म को दिए गए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के सर्टिफिकेट को रद्द किया जाए और इसके प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति केएस हेमलेखा की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि सेंसर बोर्ड का काम यह जांचना नहीं है कि फिल्म की पटकथा चोरी की गई है या नहीं। अदालत ने कहा कि सेंसर बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फिल्म मनोरंजन के स्वस्थ मानकों के अनुरूप हो।

अदालत ने अपने रुख में यह भी साफ किया कि कॉपीराइट या पटकथा की चोरी का मामला एक निजी संपत्ति अधिकार विवाद है। इसे साबित करने की जिम्मेदारी याचिकाकर्ता की है। उसे यह दिखाना होगा कि वह मूल पटकथा का असली मालिक है और फिल्म निर्माताओं की पहुंच उसकी कहानी तक थी।

इस कानूनी राहत के साथ ही अदालत ने संतोष कुमार को कड़ी हिदायत भी दी है। अदालत ने कहा है कि वे निर्देशक आदित्य धर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले या मानहानि करने वाले बयानों से दूर रहें। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इसी तरह के एक मामले में आदित्य धर को अंतरिम राहत दी थी।

आदित्य धर की ओर से पेश हुए वकीलों ने दलील दी थी कि बिना किसी ठोस आधार के लगाए जा रहे ये आरोप उनकी पेशेवर साख को प्रभावित कर रहे हैं। फिल्म जगत में इस फैसले को रचनात्मक स्वतंत्रता की जीत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पटकथा के अधिकारों को लेकर कानूनी लड़ाई के अन्य पहलू अभी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं।

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