दिल्ली हाई कोर्ट में रानी कपूर का संपत्ति विवाद, सुनवाई टली, अब 28 जनवरी को होगी अगली पेशी

Update: 2026-01-23 07:47 GMT

दिल्ली हाई कोर्ट में पारिवारिक संपत्ति और विरासत से जुड़े चर्चित मामले में रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर होने वाली सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। अदालत ने मामले की अगली तारीख 28 जनवरी निर्धारित की है। यह याचिका रानी कपूर और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के बीच चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने अपनी बहू प्रिया कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

रानी कपूर ने अदालत के समक्ष दलील दी है कि उनकी जानकारी और लिखित सहमति के बिना उनकी निजी संपत्तियों और पारिवारिक विरासत को एक तथाकथित फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। याचिका के अनुसार, इस ट्रस्ट का गठन योजनाबद्ध तरीके से किया गया ताकि उनकी संपत्ति पर पूर्ण नियंत्रण हासिल किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा ढांचा कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना तैयार किया गया है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने आपसी सहमति से इस ट्रस्ट की स्थापना की और इसके माध्यम से उनकी चल-अचल संपत्तियों को ट्रस्ट के अधीन कर दिया गया। रानी कपूर का दावा है कि इस प्रक्रिया में न तो उनसे कोई अनुमति ली गई और न ही उन्हें किसी प्रकार की आधिकारिक सूचना दी गई, जिससे यह ट्रस्ट पूरी तरह अवैध बनता है।

रानी कपूर के अनुसार, उन्हें इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी अपने बेटे संजय कपूर के निधन के बाद मिली। संजय कपूर का निधन 12 जून 2025 को हुआ था। इसके बाद जब उन्होंने पारिवारिक संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटानी शुरू की, तब सामने आया कि कई महत्वपूर्ण फैसले पहले ही लिए जा चुके थे और धीरे-धीरे उनकी अधिकांश संपत्तियों को फैमिली ट्रस्ट के अंतर्गत स्थानांतरित कर दिया गया था।

अपनी याचिका में रानी कपूर ने यह भी आरोप लगाया है कि बेटे के निधन के तुरंत बाद उनकी बहू प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में प्रमुख पद संभाल लिए। इन नियुक्तियों और प्रबंधन संबंधी निर्णयों में उनसे न तो कोई सलाह ली गई और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया। उनका कहना है कि उन्हें कंपनी से जुड़ी अहम जानकारियों से दूर रखा गया और उनके आधिकारिक संपर्क माध्यमों तक पहुंच भी सीमित कर दी गई।

रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि इस फैमिली ट्रस्ट को अवैध और अमान्य घोषित किया जाए तथा उनकी समस्त संपत्ति और पारिवारिक विरासत उन्हें वापस सौंपी जाए। साथ ही उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि जब तक मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक ट्रस्ट के माध्यम से किसी भी प्रकार की संपत्ति की खरीद-फरोख्त, हस्तांतरण या प्रबंधन संबंधी निर्णयों पर रोक लगाई जाए।

फिलहाल अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई को स्थगित करते हुए अगली तारीख 28 जनवरी तय की है। अब सभी की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक संपत्ति विवाद की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

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